
भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार की सुभद्रा योजना रानी अहिल्याबाई होल्कर के सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के आदर्शों का प्रतीक है। पुण्यश्लोक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह न केवल एक महान शासक थीं, बल्कि एक समाज सुधारक और परोपकारी भी थीं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन और कार्य पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और वह महिला सशक्तिकरण, सुशासन और समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण हैं, जो राज्य सरकार की नीतियों में परिलक्षित होता है। माझी ने जोर देकर कहा, "अहिल्याबाई ने अपने न्याय, साहस और अपने लोगों के प्रति अद्वितीय समर्पण के साथ भारतीय इतिहास में खुद को अमर कर दिया है। उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें सुशासन और सामाजिक कल्याण के मार्ग पर ले जाता है। हमें भी अपने समाज में न्याय, शिक्षा और समानता को बढ़ावा देने की जरूरत है।" सुभद्रा योजना को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक क्रांतिकारी योजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से प्रगतिशील बनने में मदद करना है। उन्होंने कहा, "अगर हम मौजूदा शासन प्रणाली को देखें, तो हम पाते हैं कि कई राज्य सरकारों ने अहिल्याबाई के आदर्शों से प्रेरणा ली है।





